मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी खुद से तो कभी दुनिया से,
मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी अपने सपनों से तो कभी अपने समझौतों से,
मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी डर कर तो कभी अपने ही डर से,
मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी खुद से तो कभी दुनिया से,
मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी अपने सपनों से तो कभी अपने समझौतों से,
मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ
कभी डर कर तो कभी अपने ही डर से,