वक्त के साथ ऋत्विक., August 29, 2024 फिर से वक्त के साथ चलेंगे हम तुम, भुला कर खोए हुए कल को, जिएंगे फिर आजादी से, हर मौसम, हर सफर, हर पल को। Poems
Poems हक है लोगों को August 5, 2025August 10, 2025 हक है लोगों को, की हमारी काबिलियत पर शक करें; आखिर उनके तानों से ही… Read More
Poems योद्धा August 5, 2025August 10, 2025 न तीर न कमान है, टूटा हुआ सम्मान है, जिम्मेदारियों की जंजीर है, और बस… Read More
Poems पिता July 29, 2024 माँ है मेरी ढालतो बाप पूरी फौज हैना जाने कितनी जंगे लड़करकरवायी मेरी मौज है… Read More