Papa ऋत्विक., August 18, 2025 जिस नाम को समझ ने में मेरी आधी उमर गुजर गई, चाहते हैं लोग, उस नाम की ज़िम्मेदारियों को मैं कुछ महीनो में समझ लूं। Poems Quotes & Shayari
Poems मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँ ! July 29, 2024August 4, 2024 मैं लड़ तेरे लिए रहा हूँकभी खुद से तो कभी दुनिया से,मैं लड़ तेरे लिए… Read More
Quotes & Shayari कर्ज के आशियाने July 29, 2024July 29, 2024 लेकर के कर्जों के बोझ कधों परहम सपनों का आशियाना बसाने चले,आशियाने से दुर, खुद… Read More
Poems वक़्त July 28, 2024July 29, 2024 एह वक़्त गुज़र जा,थके हुए लम्हों की छाया में,मंज़ूरी की गुहार, दिल की आहें। एह… Read More