एक ओर, आलीशान सवारी में बैठ,
नन्हीं-सी जान की आँख, बूंद-बूंद पिघल गई,
बस ज़िद थी कुछ रंगीन गुब्बारों की।
और एक ओर, गुब्बारों से घिरी,
नन्हीं-सी जान की आँख, बूंद-बूंद चमक उठी,
उम्मीद में एक रंगीन ज़िंदगी की।
एक ओर, आलीशान सवारी में बैठ,
नन्हीं-सी जान की आँख, बूंद-बूंद पिघल गई,
बस ज़िद थी कुछ रंगीन गुब्बारों की।
और एक ओर, गुब्बारों से घिरी,
नन्हीं-सी जान की आँख, बूंद-बूंद चमक उठी,
उम्मीद में एक रंगीन ज़िंदगी की।