कई साल से घर में एक जादूई बटुआ था। कहां से आया? कब आया? किसी…
Category: Poems
Poems and shayari by Ritwick Maindargi.
Poems
Continue Reading
क्या अब भी वही हो तुम?
जब रात में घर आकर, टाई को ढीला करते हुए आईने में खुद को देखते…
Poems
Continue Reading
चेहरे
किताबें इतनी पढ़ी नहीं, जितने चेहरे पढ़े है हम ने, कहानियां पढ़ी नहीं इतनी, जितनी…
Poems
Continue Reading
रंगीन गुब्बारे
एक ओर, आलीशान सवारी में बैठ, नन्हीं-सी जान की आँख, बूंद-बूंद पिघल गई, बस ज़िद…
Poems
Continue Reading
हक है लोगों को
हक है लोगों को, की हमारी काबिलियत पर शक करें; आखिर उनके तानों से ही…
Poems
Continue Reading
साधारण योद्धा की गाथा
भीम की वीरता और गुरु द्रोण की चुप्पी सुनी, दुःशासन का कृत्य और द्रौपदी की…
Poems
Continue Reading
कल मेरे जाने के बाद
कल मेरे जाने के बाद यूंही किसी शाम चाय की चुस्कियां लेते हुए किसी रोज़…